अस्सी करोड़ मोरा घाघरा सिवा दे....लोकगीत
ग्राम-गिरिवरगंज, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सुनील कुमार एक लोकगीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
अस्सी करोड़ मोरा घाघरा सिवा दे-
चुनरी मंगा दे मोरा तारा चुनरी-
ताल पे नाचूंगी सारी रात सजना-
एक बार नाचने को कह तो सही-
चोला मैनू तै यार बैठूंगी-
सज-धज करके श्रृंगार बैठूंगी-
ठुमका पे ठुमका लगाऊँ सजना-
एक बार नाम मोरा ले तू सही-
पतली कमर हिचकोला खावेली-
नागिन सी चोटी मोरा लहरावेली-
खन-खन बाजेले मोरे कंगना-
रुनझन पायल बाजेली-
ताल पे नाचूंगी सारी रात सजना-
एक बार नाचने को कह तो सही....
