कोशिश करने वालों की हार नहीं होती...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह पोया हिंदी के प्रसिद्ध कवि स्व हरिवंश राय बच्चन जी की कविता का पाठ कर रहे हैं:
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है-
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है-
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है-
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है-
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती-
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है-
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है-
मिलते न सहज ही मोती गहरे पानी में-
बढ़ता दुगुना उत्साह इसी हैरानी में-
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती-
असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो-
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो-
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम-
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम-
कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती-
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती...
