इस दीवाली कुछ ऐसा हो जब दिल में हो उमंग, मन में हो विश्वास...
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के. एम. भाई दीपावली के शुभ अवसर पर स्वरचित कविता का पाठ कर रहे हैं:
इस दीवाली कुछ ऐसा हो जब दिल में हो उमंग, मन में हो विश्वास-
आँखों से झलके प्यार, हल्की सी मुस्कान से हो सबका दीदार-
न रंग का न रूप का हो गुमान, धर्म से भी ना हो कोई वास्ता-
जाति का भी ना कोई रास्ता, ना मेरा एक हो ना तेरा दो-
ना दुःख हो ना रंज, बस एक ही अरमां-
कि एक चिराग से तेरा भी घर रोशन हो-
और मेरे घर में भी प्रकाश हो...
