तादों बाबल वेरा तादों बाबल वेरा वइया रे वइया...गोंडी प्रकृति वन्दना
ग्राम-कोयनगुड़ा, तहसील-भामरागढ़, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से उमेश्वरी दुग्गा गाँव की बहनों से एक गोंडी गीत रिकॉर्ड करवा रही हैं. आदिवासी समाज में यह गीत देव पूजन के समय गाया जाता है. गीत में कुम्हिन वृक्ष की बन्दना की जा रही है:
तादों बाबल वेरा तादों बाबल वेरा वइया रे वइया-
घूमड़ काया नाडू, घूमड़ काया नाना वइया रे वइया...
