चल आवा रे चल आवा, हमर सीजी नेट में चल आवा...
ब्लॉक-जवा,जिला-रीवा (म.प्र.) से सगन मरकाम जी हैं जी सीजीनेट पर एक गीत गा रहे हैं :
चल आवा रे चल आवा चल आवा रे-
हमर सीजी नेट में चला आवा रे-
भैया हमर सीजी नेट में चला आवा रे-
अपन दुखवा ला,अपन दुखवा ला-
सबका बताई भैया रे-
चल आवा रे...
मोबाइल रेडियो हैं ताकत हमार-
सीजी नेट घूम रही हैं सारा संसार-
बिगड़े दूताला हा,बिगड़े दूताला-
अपन बनावा भैया रे हमार सीजी नेट म-
चल आवा रे...
बिजली नहीं रोड नहीं,नहीं राशन पानी-
घुट घुट भैया बहन करत जिंदगानी-
जुडके सीजी नेट में जुडके सीजी नेट-
लगावा भैया फोन, हमार सीजी नेट म-
चल आवा रे...
पार्क बने बाँध बने कहके भगावय-
गरीबन की जिन्दगी में आगी लगावय-
यहाँ जनता हैं राजा न भगावा भैया रे-
चल आवा रे...
बढ़ रही गरीबी बेरोजगारी भारी-
देखते में भीख गए जमीन लोटा धारी-
अन दाता किसान की लाज बचावा भैया रे-
चल आवा रे...
