मंगल-मंगल-मंगल हो...मंगल पांडे की शहादत पर गीत
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम.भाई शहीद मंगल पांडे की शहादत दिवस के अवसर पर स्वरचित एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
मंगल-मंगल-मंगल हो-
जागा है ये शहर, जागी है ये रात-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
शहनाइयों के साथ निकली है वीरों की बारात-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
जुल्मों-सितम का ना होगा राज-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
झरने भी नाचेंगे, नाचेंगी नदियां आज-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
हर माँ का लाल होगा आज इन्कलाब-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
टूटेंगी हथकड़ियां और खिलेगा गुलाब-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
हर तरफ आज गूंजेगा यही शंखनाद-
मंगल-मंगल-मंगल हो-
मंगल मंगल मंगल हो...
