आमे आसाल डांगी आदिवासी, आमी झाड़ी-जंगल ना रहवासी...डांग गुजरात से आदिवासी गीत
ग्राम-फुडकस, जिला-डांग, गुजरात से गीता जी एक आदिवासी गीत प्रस्तुत कर रही हैं. गीत के माध्यम से बताया जा रहा है कि आदिवासी लोग पहाड़ी इलाकों में जीवनयापन करते हैं इसलिए जल-जंगल पर उनका ही हक़ है:
आमे आसालडांगी आदिवासी-
आमी झाड़ी-जंगल ना रहवासी-
आमी धरती देवी ना पूजा वारी रा-
आमी झाड़ी-जंगल ना रहवासी-
आमी सूर्य देवा ना पूजा री-
आमी झाड़ी-जंगल ना रहवासी-
आमी वाघा वरू ना पूजा री-
आमी झाड़ी-जंगल ना रहवासी-
आमी आसालडांगी आदिवासी...
आमी डोंगर देव ना पूजा री-
आमी झाड़ी-जंगल ना रहवासी-
आमी चंद्र देवा ना पूजा री-
आमी झाड़ी-जंगल ना रहवासी-
आमी आसालडांगी आदिवासी...
