हमें लूट रही मिलकर, ये काली सरकार...जन गीत
ग्राम-अमुवा, तहसील-मंझगवां, जिला-सतना, मध्यप्रदेश से रोहणी प्रसाद चौधरी जी एक जनगीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
हमें लूट रही मिलकर, ये काली सरकार-
जागो-जागो नवजवान ! अपने हक को पहचान-
काहें बना तू अज्ञान-
हमें लूट रही मिलकर...
पास नहीं है जगह-जमीन, जल-जंगल हाय छीने-
जल-जंगल हाय छीने, गांव हो गए हीन-
हमें लूट रही मिलकर...
नहिया रहने को आवास, कब ले सहियो भूख-प्यास-
कब ले सहियो भूख-प्यास, कह रहे खूब भयो विकास-
हमें लूट रही मिलकर...
होय गए हैं साठेक साल, हाल हो गए बेहाल-
हाल हो गए बेहाल, खूबइ मोटा रहे दलाल-
हमें लूट रही मिलकर...
