समदिर प्रेम ते मन्दाना, दादल तम्मो ने वेशे ना...गोंडी सामाजिक गीत
ग्राम-जामड़ा, पंचायत-उतनूर, तहसील-नारनूर, जिला-आदिलाबाद, तेलंगाना से गोविन्द पन्द्रो, भीमराव, एर्केड़ा लक्ष्मण, पोरांग मार्को से गोंडी में एक गीत रिकॉर्ड करवा रहे हैं. यह गीत गोंडी समाज में विभिन्न अवसरों पर गाया जाता है, गीत में आपसी मनमुटाव, झगड़े-फसाद को भुलाकर सामूहिक एकता पर बल दिया गया है:
समदिर प्रेम ते मन्दाना, सादल तम्मो ने वेशे ना-
सेलड़ सक्कान वेशे ना, सादल तम्मो ने वेशे ना-
किल्लल मंडोप ने, मीरे मायानाम-
ख़ुशी-गम्मात किया ना, सादल तम्मो ने वेशे ना-
समदिर प्रेम ते मन्दाना...
