हप्पार पुरब मा देखा धारी कनु टक-टकी...गढ़वाली लोकगीत
जिला-चमोली, उत्तराखण्ड से रामलालजी, पूजा नेगी से एक गढ़वाली गीत रिकॉर्ड करा रहे हैं. गीत, उत्तराखण्ड की संस्कृति और विचारों पर आधारित है – हप्पार पूरब मा देखा, धारी कनु टक-टकी-
टक-टकी धारि ऊँची, चोटी जय हो नंदा ठौंकी-
नंदा देवी को थान देखि, ओला झुक-झुकी-
जंगलों की शोभा यख, बजबुरस काफला-
वाम्यारा गेरी सेणी, भराणी सेना पण्डवाखला-
उत्तराखण्ड को प्राण चुयु, लोगु यख भल-भला-
ऋषियों की तपोभूमि में, आ करें हम बांचोला-
हप्पार पूरब मा देखा...
दूध-घी-ठंडो पाणी खाणी जुला, दुधा-टोली-
दुधा-टोली मा यज्ञ करूला, चंद्रसिंह गढ़वाली-
अंग्रेजी हुकुमत मा, जन मचाई खलबली-
हप्पार पूरब मा देखा, धारि कनु टक-टकी-
हप्पार पूरब मा देखा...
