आदिवासी रे अमो आदिकाल ने...भीली आदिवासी गीत
ग्राम-खेडाकाल, तहसील-बागली, जिला-देवास, (म.प्र.) से बेरसिंग डावर एक आदिवासी गीत गा रहे हैं. गीत आदिवासियों के जीवन पद्धति से सम्बंधित, उनकी पहचान, रहन-सहन इत्यादि के विषय में है:
आदिवासी रे अमो आदिकाल ने-
तुही तसे घोडिने देख ले जी, अमो छे आदिवासी-
आदिवासी रे अमो आदिकाल...
बोयड़ा रे कोयड़ा मा अमो रोहणे वाला, आमू छे आदिवासी-
आदिवासी रे अमो आदिकाल...
अकी ने पगड़ी हमरी पहचान रे, आमू छे आदिवासी-
आदिवासी रे अमो आदिकाल...
नाचिने घागे रे हमरी पहचान रे, आमू छे आदिवासी-
आदिवासी रे अमो आदिकाल ने...
हाथ मा तारुण मुंगे गु पूर्ण रे, आमू छे आदिवासी-
आदिवासी रे अमो आदिकाल ने...
