सारे जहान की मुस्कुराहट तुम...बाल दिवस पर कविता
कानपुर, उत्तरप्रदेश से के.एम. भाई बाल दिवस के अवसर पर एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं :
सारे जहान की मुस्कुराहट तुम !
पतंग सी उड़ान तुम
चिड़ियों सी चहचाहट तुम
सूरज सा चमको तुम
चाँद को छू लो तुम...
पानी सी निर्मलता तुम में
फूलों सी कोमलता तुम में
रंगों सा चमको तुम
आसमां को छू लो तुम...
संत सी सच्चाई तुम में
कोयल सी मिठास तुम में
दीपक सा चमको तुम
पहाड़ो को छू लो तुम...
परियों सी सुंदरता तुम में
तितलियों सी चंचलता तुम में
मोती सा चमको तुम
सारा जहां छू लो तुम...
चाँद भी तुम, सूरज भी तुम
नदी भी तुम, पहाड़ भी तुम
जीव भी तुम, इंसा भी तुम...
सारे जहान की मुस्कुराहट तुम
सारे जहान की मुस्कुराहट तुम...
