साधेर लाऊ बानाईलो मोरे बोइरागी...बांग्ला लोकगीत
कोलकाता से आकांक्षा ठाकुर एक बंगाली लोकगीत प्रस्तुत कर रही हैं-गीत के माध्यम से बताया जा रहा है कि लाऊ(लौकी) बंगाल में बहुत प्रसिद्ध है जब इसे गलाया जाता है तो इसकी महक किसी को भी वैरागी बना सकती है :
साधेर लाऊ बानाईलो मोरे बोइरागी
लावैर आगा खाइलाम डोगा गो खाइलाम
लाऊ दिए बानाईलाम डूग-डूगी रे
साधेर लाऊ बानाईलो मोरे बोइरागी
लावै ऐतो मोधू, जानी गो जादू
ऐतो मोधू ओ ओ ओ
लाऊ हो लो सोंगी रे सोंगी
साधेर लाऊ बानाईलो मोरे बोइरागी
आमि गोया गेलाम, काशी गो गेलाम
गोया गेलाम गो ओ ओ ओ
सोंगे नाई मोर बैश्नबी
हाय रे, सोंगे नहीं मोरे बैश्नबी
साधेर लाऊ बानाईलो मोरे बोइरागी
