भला लिखी कियाना रो प्राण, शिक्षा ते लिखी कियाना...गोंडी शिक्षा गीत
ग्राम-आमगाँव, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (म.प्र.) से गोकरन वर्मा जी हैं उनके साथ चमेली परते, कौशलिया जी, अनुसईया जी हैं जो एक
गोंडी गीत गा रही हैं, प्रौढ़ शिक्षा के सन्दर्भ में गीत के माध्यम से सन्देश दिया जा रहा है कि बूढ़े-बुजुर्ग से लेकर बच्चे, जवान तक सभी को शिक्षित होना चाहिए:
पढ़े मायना दादा लिखी कियाना रो
प्राण शिक्षा ते लिखी कियाना रो
भला लिखी कियाना रो प्राण, शिक्षा ते लिखी कियाना
दाई दादल मन्नड़ ते, नन्ना अनेना
नन्ना अनेना रे प्राण, शिक्षा ते लिखे मायना
लिखी कियाना दादा पढ़े...
आजी दादी मन्नड़ ते, नन्ना अनेना
लिखी कियाना दादा पढ़े...
काकी काकल मन्नड़ ते, नन्ना अनेना
नन्ना अनेना रो प्राण, शिक्षा ते लिखे मायना
लिखी कियाना दादा पढ़े...
भैया-भाभी मन्नड़ ते, नन्ना अनेना
नन्ना अनेना रो प्राण, शिक्षा ते लिखे मायना
लिखी कियाना दादा पढ़े...

