वैष्णव जन तो तेने कहिये जे, पीड़ परायी जाणे रे...
गोकरन वर्मा गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गाँधी के प्रसिद्द भजन का पाठ कर रहे हैं:
वैष्णव जन तो तेने कहिये जे
पीड़ परायी जाणे रे
पर दुख्खे उपकार करे तो ये
मन अभिमान ना आणे रे
वैष्णव जन तो तेने कहिये जे...
सकल लोक मान सहुने वंदे
निंदा न करे केनी रे
वाच-काछ-मन निश्चल राखे
धन-धन जननी तेनी रे
वैष्णव जन तो तेने कहिये जे...
सम दृष्टी ने तृष्णा त्यागी
पर स्त्री जेने मात रे
जिह्वा थकी असत्य ना बोले
पर धन नव छल हाथ रे
वैष्णव जन तो तेने कहिये जे...
मोह माया व्यापे नही जेने
दृढ़ वैराग्य जेना मन मान रे
राम नाम सुन ताली लागी
सकल तिरथ तेना तन मान रे
वैष्णव जन तो तेने कहिये जे...
वण लोभी ने कपट- रहित छे
काम क्रोध निर्वान्या रे
भणे नरसैय्यो तेनु दर्शन कर्ता
कुल एकोतेर तारया रे
वैष्णव जन तो तेने कहिये जे ...
