चल दाले रनटय मड़ाई हो,जमिया उडिले बंजारी मेला...गोंडी गीत
ग्राम पाठई, तहसील पांढुर्ना, जिला छिंदवाड़ा,(म.प्र.) से शिव विश्वकर्मा और मंगल वट्टी जी एक गोंडी गीत गा रहे हैं. इस गीत में मेले के बारे में बताया गया है कि मेले में दोस्तों के साथ मस्ती करते हैं,घूमते हैं:
चल दाले रनटय मड़ाई हो,जमिया उडिले बंजारी मेला’
बंजारी मेला ते गोल-गोल झुला हो, गोल-गोल झुला
चल दाले रनटय मड़ाई हो...
बंजारी मेला ते कवये-कवये समोसा हो,कवये-कवये समोसा
रनटय तिन्दाले अनी समोसा हो, जमिया उडीले बंजारी मेला
चल दाले रनटय मड़ाई हो...
