सुन सुन गे बहिन, पढ़िए-लिखिए बहिन, दे बे होशियार गे...खोरठा साक्षरता गीत
जे. एम. रंगीला जी प्रख्यात साहित्यकार एवं गायक बासू बिहारी जी से लोक धुन कर्मा पर आधारित एक साक्षरता गीत खोरठा भाषा में गीत रिकार्ड करवा रहे हैं :
सुन सुन गे बहिन, हमरो कहलबे
काम-काज करके, सीखें पढेलबे
पढाई-लिखाई के बहिन, महिमा अपार गे
पढ़िए-लिखिए बहिन, दे बे होशियार गे
गाँव-घर के लोग के, करब होशियार गे
ठगे न परत बहिन, सेठ साहूकार गे
अनपढ़ रहलबे, तै रहल पराधीन गे
घर-बाहर बेतल, मान अपनहीन गे
पढ़नै-लिखनै बहिन, भे तै जे अकील गे
पढ़नै बनबे डॉक्टर, अफीसर-वकील गे
पढ़लै दुनिया के जनबै, सभै समाचार गे
नाना बरन करेले, परब रोजगार गे
पढ़नै जानबै बहिन, अपन अधिकार गे
कइसन चाही राज बहिन, कइसन सरकार गे
