कजली खेलेले जनक दुलारी,नईहर दुलम होइहैं न...बघेलखंडी कजली गीत
बहिनी दरबार जिला रीवा,मध्यप्रदेश से उषा जी एक कजली गीत गा रही है, गीत में एक सखी दूसरी सखी से कह रही है कि यही पर कजली खेल ले नहीं तो ससुराल में खेलना मुश्किल हो जाएगा :
कजली खेलेले जनक दुलारी,नईहर दुलम होइहैं न
दुइ सखिया मिल जेमना बनायो,जेमले सखिया जेमना
नईहर दुलम होइहैं न...
दुइ रे सखिया जल भर लायौ,घुटले सखिया
नईहर दुलम होइहैं न...
दुइ रे सखिया मिल फूला बिन लायो,सुतले फुलवा मोरे सखिया
नईहर दुलम होइहैं न...
कजली खेलेले जनक दुलारी,नईहर दुलम होइहैं न
