A displaced Chhattisgarhi adivasi woman narrates life in Andhra
मैं पल्वांचा मंडलम से बोल रही हूँ हम कोया आदिवासी हैं ! पहले हम जंगल में झोंपड़ी बना कर रह रहे थे तो हमसे कहा गया की तुम लोग नक्सलाईट हो
और बार बार हमारे घरों को आग लगा देते थे! फिर हम आंध्र में सड़क के नज़दीक आकर रहने लगे! यहाँ भी हमने जो झोपडी बनाई वो भी बार बार जला देते हैं हमको सरकार भी नहीं चाहती है! हमें कोई नहीं चाहता! बच्चे बीमारी से मर रहे हैं! हमारे गाँव में १५ लोग बीमारी से मर गए! यहाँ पहले एक आदमी दवाई देता था उसे भी आने से मना कर दिया है ! हमारी कोई सहायता नहीं करता है!
