राम चले शिया के बरात जनकपुर...आदिवासी विवाह गीत
ओम प्रकाश बघेल, ब्लॉक- उदयपुर, जिला -सरगुजा , छत्तीसगढ़ से मुन्नी का गाया एक गीत सुनवा रहे हैं , जिसे शादी के समय मंडप के अन्दर गाया जाता है
राम चले शिया के बरात जनकपुर
राम चले ........
कइसा इ सफरे रे हथिया औ घोड़वा
कइसा इ लोखाबर आज जनकपुर
राम चले ..........
दसइ सफरे रे हथिया औ घोड़वा
बीसहि खबरिया हो जनकपुर
राम चले ...........
कान्हे रे गावे हथिया औ घोड़वा
कान्हे गवा रे बरात जनकपुर
राम चले ................
चढ़िके गावे रे हथिया औ घोड़वा
औ सुररि रे गवा बरात जनकपुर
राम चले ............
कइसन दिखे रे हथिया औ घोड़वा
कइसन दिखे रे बरात जनकपुर
राम चले .........................
