हम गोंड लोग अमरीका, नेपाल या जापान से तो नहीं आये...
मैं भंडार गुडियम से मदकम देवा बोल रहा हूँ हम लोग यहाँ २००१ मैं आ गए थे तबसे हम तहसीलदार और कलेक्टर के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन हमें कोई सहायता नहीं मिल रही है! हमें ज़मीन का पट्टा नहीं मिला है . हमारे पास चावल लेने के लिए राशन कार्ड नहीं है पानी की कोई व्यवस्था नहीं है. बच्चे बीमार होने पर दवाई नहीं मिलती ! हम तो दस्तखत करना नहीं जानते पर बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं लेकिन आंगनबड़ी नहीं है टीचर नहीं है ! हम भी तो इस देश के रहने वाले हैं ! गोंड लोग हैं छत्तीसगढ़ और आंध्र एक ही देश तो है हम कोई अमरीका नेपाल या जापान से तो नहीं आये यही बात सरकार से कहना चाहता हूँ!
