घर घर अलख जगाएंगे हम, बदलेंगे जमाना...
घर घर अलख जगाएंगे हम, बदलेंगे जमाना
बदली है हमनें अपनी दिशाएँ
मंजिल नईं तय करके दिखाएँ
धरती को स्वर्ग बनाएंगे हम बदलेंगे जमाना
घर घर अलख जगाएंगे हम, बदलेंगे जमाना
सम से बनाएंगे माटी को सोना
सम तक दीप जलाएंगे बदलेंगे जमाना
