मेरी भी एक विनती सुन लो सोच समझकर देना वोट...
सोच समझकर देना वोट सोच समझकर देना वोट
प्रतिनिधि जो बने अभी तक जन जन से बेपरवाह है
चूस रहे खून देश का रोते बेरोजगार है
अट्टहास करती है अम्बर को छूती महंगाई
सबने किया मजाक देश से यह जनता भौजाई
जागो मेरे देशवासियो बहुत दिनों तक खाये चोट
मेरी भी एक गिनती सुन लो सोच समझकर देना वोट ।
चारो तरफ अंधेर मचा है मार काट भय हाहाकार
मंत्री पुलिस चोर बन बैठे करते करवाते व्यभिचार
घर बेचा बर्तन भी बेंचे शिक्षा की डिग्री में यार
आंसू पोंछ सका न कोई कब से घू रहे बेकार
ऐसा सबक सीखना अब कि इनको लगे करारी चोट
मेरी भी एक विनती सुन लो सोच समझकर देना वोट ।
लूट-लूट कर भरेंगे ये भी आज बन रहे है जो रखवाले
पास लेकर सौदा दुश्मन पाकिस्तान से करने वाले
हत्यारों नर चीतों को जेलो से मुक्त कराने वाले
ऐसा नेता चुनना दद्दू जिसे खरीद न पाये नोट
मेरी भी एक विनती सुन लो सोच समझकर देना वोट ।
