हम आदिवासी कपडे लेने भी सरकार के बाज़ार में नहीं जा सकते क्या?
मेरा नाम मुये है. मैं ग्राम दुगेली जिला दंतेवाडा की रहने वाली हूँ.मेरे पति का नाम मड्डा है. मेरा पति कल बुधवार के बाज़ार दंतेवाडा में लौकी बेचने गया था. घर वापिस आते समय उसे पुलिस ने पकड़ लिया . मैंने पूछा इसे क्यों पकड़ रहे हो तो बोले की कल छोड़ देंगे.लेकिन अभी तक नहीं छोड़ा है. हम आदिवासी लोग कपडे लत्ते लेने सरकार के बाज़ार में भी नहीं जा सकते क्या ? हम लोग कैसे जियें? कोई हमारी मदद करो.
