मावा बस्तर ता आदिवासी जंगल ते भटके म्त्तोर...गोंडी गीत
यह रमेश कुंजाम गाँव गुमियापाल जिला दन्तेवाड़ा छत्तीसगढ़ का गोंडी गीत है जिसमे बस्तर के आदिवासियों की दशा का वर्णन है कि किस प्रकार बाहरी लोग यहाँ मालामाल हो रहे है ओर बस्तर के आदिवासी जंगल में भटक रहे है उनको कोई सही रास्ता दिखाने वाला नहीं है |उनकी जमीन छीनी जा रही है |वे बेसहारा होकर दर दर की ठोकर खा रहे है, आखिर जाये तो जाएँ कहां, क्या करे? गाने के बोल है...मावा बस्तर ता आदिवासी जंगल ते भटके म्त्तोर ,वोर तिन्होर रास्ता तोह्त्नोर बोले हेलेट किलोर नाल्लोर मंतोर | अदिक जानकारी के लिए रमेश जी से 9752226251 पर संपर्क किया जा सकता है
