कुडुख में संदेश : छत्तीसगढ़, बारिश ने तोडा सौ साल का रिकॉर्ड
बंगाल की खाड़ी आए कम दबाव क्षेत्र के कारण बुधवार को पूरे प्रदेश में झमझाम बारिश हुई। राजधानी में लगातार 12 घंटों तक बारिश हुई। जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
अगहन महीने में सावन की झड़ी लगने से लोग दिनभर परेशान रहे। राजधानी में बीते 24 घंटों के दौरान 57 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे आठ दिसंबर को सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड टूट गया है। पिछले 100 सालों में इतनी बारिश दिसंबर में नहीं हुई। इससे पहले रायपुर में 26 दिसंबर 1909 में 52.1 मिली मीटर बारिश हुई थी।
प्रदेश भर में झमाझम :
खाड़ी से हवा के साथ नमी आने के कारण पूरे प्रदेश में घने बादल छाए हुए हैं। प्रदेश में बुधवार को दिनभर अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। बस्तर संभाग में बारिश का असर अधिक रहा।कोंटा में 50 मिलीमीटर बारिश हुई। केशकाल और सुकमा में 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। नगरलोड, बीजापुर, भोपालपट्टनम, भैरमगढ़, कुआंकोंडा और छिंदगढ़ में 30-30 मिमी बारिश हुई। कुरुद, नगरी, मरवाही, कोंडागांव में 20 और लोरमी, पेंड्रारोड, प्रतापपुर, पाल रामानुजगंज, जगदलपुर और गीदम में 10-10 मिलीमीटर बारिश हुई|
