एक पडोसन की बिटिया भाग गई...
एक पडोसन की बिटिया भाग गई
मोहल्ले में दुख का माहौल छा गई
मैं सुना तो खुशी हुई
क्योंकि बिटिया आज जाग गई
अपने बाप के सिर दर्द को मिटा गई
क्या सावित्री भागी थी?
क्या रुक्मिणी भागी थी?
सावित्री रुक्मिणी भागी थी तो मेरी बिटिया भी भाग गई
इसमें मेरी क्या गई
उसने तो बाप का चिंता दूर कर गई
खेत बिकने से बचा गई
आज कितने पिता बेटी के नाम से परेशान हैं
कहां लडका खोजूं, किसका कम दाम है
सभी कुटुम्ब लडकी के नाम से परेशान हैं
कब दहेज प्रथा जाएगा
लडकी का बाप चैन से रह पाएगा
या जीते जी घुट घुट कर मर जाएगा
दहेज प्रथा भगाने एक रास्ता दिखता
लडके लडकियों को प्रेम विवाह करने दिया जाता
तभी हमारे देश से दहेज प्रथा भाग पाता
भागीरथ वर्मा
