हम जवान आजाद वतन की आंधी से टकरायेंगे...
हम जवान आजाद वतन की आंधी से टकरायेंगे ,
बंजर धरती के आँगन में कोमल फूल खिलाएंगे !!
श्रम को ही सब कुछ जानेंगे मानव को मानव मानेंगे ,
मानव सेवा का व्रत लेकर वही करेंगे जो ठानेंगे !
हर अंधियारे कोने में हम जगमग दीप जलाएंगे ,
हम जवान आजाद वतन की आंधी से टकरायेंगे ,
सच की जय जयकार करेंगे हर प्राणी से प्यार करेंगे !
कैसा भी संकट आ जाये उससे भी हम नहीं डरेंगे !
डंटे रहेंगे तूफानो से राहें नयी बनायेंगे !
हम जवान आजाद वतन की आंधी से टकरायेंगे ,
एटम बम बनाने वालों धरती को सुलगाने वालों ,
सुन लो आग लगाने वालों सफल नहीं तुम हो पाओगे !
शांति ज्योति हांथो में लेकर राहें नयी बनायेंगे ,
हम जवान आजाद वतन की आंधी से टकरायेंगे
