सबसे अच्छा, सबसे सुन्दर मेरा प्यारा गाँव था...
प्यारा गाँव
मीठी बोली, मीठा नाता और प्यारा स्वभाव था। -2
सबसे अच्छा, सबसे सुन्दर मेरा प्यारा गाँव था। -2
मुर्गों ने आवाज लगायी, कुछ चिड़ियों का शोर हुआ।
काका बोले उठ बेटा, भोर हुआ अब भोर हुआ।
मुर्गों ने आवाज लगायी, कुछ चिड़ियों का शोर हुआ।
काका बोले उठ बेटा, भोर हुआ अब भोर हुआ।
हाँक लगा कर बैलों को, खेतों मे हल ले जाता।-2
सूरज के आने से पहले सबका मूँह का जोर हुआ।-2
सुस्ती थी ना आलस था।-2
बस मिट्टी से लगाव था,
सबसे अच्छा, सबसे सुन्दर मेरा प्यारा गाँव था।
मीठी बोली, मीठा नाता और प्यारा स्वभाव था।
देख कर खेतो की हरियाली, मन मुग्ध-मुग्ध हो जाता था। -2
आमों की डाली में बैठ, कन्हैया राग सुनाता था।
देख कर खेतो की हरियाली, मन मुग्ध-मुग्ध हो जाता था।
आमों की डाली में बैठ, कन्हैया राग सुनाता था।
आँख-मिचौली खलिहानों में और बागों में होती थी।-2
गुल्ली-डंडा और कबड्डी मिल कर खेला जाता था।-2
पाठशाला सब बच्चों का, पाठशाला सब बच्चों।
वह पीपल का छांव था।
सबसे अच्छा, सबसे सुन्दर मेरा प्यारा गाँव था।
मीठी बोली, मीठा नाता और प्यारा स्वभाव था।
स्वच्छ जल, शुध्द वातावरण, शीतल हवा पायी जाती थी।-2
जड़ी-बुटियों से रोगी की दवा बनायी जाती थी।
स्वच्छ जल, शुध्द वातावरण, शीतल हवा पायी जाती थी।
जड़ी-बुटियों से रोगी की दवा बनायी जाती थी।
दीपावली में दीपों के संग, ईद में हमजोली के संग।-2
पलाश के फूलों के रंग से होली मनायी जाती थी।-2
दूध-दही और मट्ठों का-2
अपना यहाँ बहार था।
सबसे अच्छा, सबसे सुन्दर मेरा प्यारा गाँव था।
मीठी बोली, मीठा नाता और प्यारा स्वभाव था।
नईम एजाज़
