कहाँ से आवल पूँजीपति लोगवा, फैक्टरी अपन खोलयी देले...एक खोरठा विस्थापन गीत
कहाँ से आवल पूँजीपति लोगवा, फैक्टरी अपन खोलयी देले।
कहाँ बसल दुशमनवा, जमीनवा हड़प लयले।
विदेश से आवल पूँजीपति लोगवा, फैक्टरी अपन खोलयी दे ले।
दिल्ली में बसल दुशमनवा, जमीनवा हड़प लयले।
कीया-कीया लयले, कीया-कीया देले,जमीनवा हड़प लयले।
नौकरी के देले प्रलोभनवा, जमीनवा हड़प लय ले।
जमीन-जगह लय ले,कुछो फिर ना देले, जमीनवा हड़प लयले।
फैक्टरी बसाय देले, प्रदूषण फैलाई देले, जमीनवा हड़प लयले।
