सहकार रेडियो: विचार यात्रा : निंदा, आलोचना और आत्मालोचना...
श्रोताओं नमस्कार,
क्या आप निंदा, आलोचना और आत्मालोचना जैसे शब्दों से भलीभांति परिचित हैं? आप आलोचना को किस नज़रिए से देखते हैं-सही या गलत? क्या आप यह मानते हैं कि कोई भी व्यक्ति आपकी आलोचना कर सकता है और आप उसकी बातों का बुरा नहीं मानेंगे?
कुछ ऐसे ही सवालों को समर्पित है आज का विचार यात्रा कार्यक्रम| देश-दुनिया के क्रांतिकारियों-लेखकों-कवियों-राजनीतिक चिंतकों के हवाले से हम ये जानने की कोशिश करेंगे कि “आलोचना” की हमारे जीवन और समाज में क्या भूमिका है अथवा होनी चाहिए|
आवाज़ है शिल्पी और पवन की|
https://youtu.be/IsmWDo8mtow वेबसाइट पर सुनें :
https://www.sahkarradio.com/chart/vichar-yatra-ninda-aalochna-aur-atmalochna/
सहकार रेडियो के संचालन में अपनी आर्थिक सहभागिता दर्ज करें| सदस्यता लें और आर्थिक सहयोग भी करें|
https://www.sahkarradio.com/सदस्यता/
https://www.sahkarradio.com/डोनेट/
