का मोर भूल होंगे रघु राम रूठ गयें...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम पंचायत-फ़रसवाली, जिला-कोरबा (छत्तीसगढ़) से संजीव केवट एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
का मोर भूल होंगे रघु राम रूठ गयें-
जेला मानो मोर सहारा वही डाल टूट गयें-
का मोर भूल होंगे रघु राम रूठ गयें-
संगी छुट गयें साथी छुट गये छुट-
गये परिवार जी छुट गये परिवार-
जिये के आशा टूट गये होगे जीव के काल जी...
