अक्कड़ बक्कड़ बॉम्बे बो अस्सी नब्बे पूरे सौ,जमुरे...नाटक-
अक्कड़ बक्कड़ बॉम्बे बो अस्सी नब्बे पूरे सौ,जमुरे !
हाँ उस्ताद, मानेक गुड तोड़ मूल गुड तोड़ ‘हाँ उस्ताद ‘मानेक गुड तोड़केलतोसती तोड़,तोहती तोड़ उस्ताद, बाता केता नोन,केति तोम उस्ताद
हाँ उडून दूर दूर मनउठुर, हए उस्ताद सबेड़, गुड़तउदू, सबेड़किम हेला नीच मने हेड़
हेड़ किनदेंन केला नीच मनु, कुंदेड़ किन केला नीच मनु
