जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हमें बताते हैं...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
जीवन पथ पर चलना हमको शिक्षक हमें बताते हैं-
न्याय और अन्याय का मतलब शिक्षक हमें समझाते हैं-
बालक जैसी गीली मिट्टी शिक्षक कुमार बन जाते हैं-
सत्य के न्याय के चाप पे रखकर सुंदर कलश बन जाते हैं-
जग में शिक्षक न होते तो सोंचो फिर क्या होता-
पड़ी ही रहती बंजर भूमि बीज फिर कौन बोता..(AR)
