माटी के पुतले तुझे कितना गुमान है...गीत-
लुधियाना पंजाब से निकेतन शर्मा एक गीत सुना रहे हैं:
माटी के पुतले तुझे कितना गुमान है-
तेरी अवकात ही क्या-
तेरी क्या शान है-
चार दिन की है-
ये जिंदगानी तेरी-
माटी के पुतले तुझे कितना गुमान है...(AR)
लुधियाना पंजाब से निकेतन शर्मा एक गीत सुना रहे हैं:
माटी के पुतले तुझे कितना गुमान है-
तेरी अवकात ही क्या-
तेरी क्या शान है-
चार दिन की है-
ये जिंदगानी तेरी-
माटी के पुतले तुझे कितना गुमान है...(AR)