बना के क्यूँ बिगाड़ा रे नसीबा...गीत-

ग्राम-मटियालम,जिला-कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुकई कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
बना के क्यूँ बिगाड़ा रे नसीबा-
ऊपर वाले ऊपर वाले-
क्यूँ तुमको मंजूर नही था-
फूल खिले थे प्यार के-
फिर क्यूँ तुमने इन आँखों को-
रंग दिखाया बहार के-
आंख बंधा के प्यार जता के बिगाड़ा रे नसीबा...(AR)

Posted on: Feb 26, 2021. Tags: SONG