पाप रूपी समुंदर में हाये रे धरम डोंगा...गीत-
जमशेदपुर, झारखण्ड से बाबूलाल एक गीत सुना रहे हैं:
पाप रूपी समुंदर में हाये रे धरम डोंगा-
चले लगल धीरे-धीरे-
चले लगल रसे-रसे-
न डरब बहब प्रभु तोर सहारा-
हाये रे हमर डोंगा-
पांपी मन कहाये प्रभु तोर सहारा...(AR)
