अपने माँ बाप का तू दिल न दुखा...कब्बाली गीत-
बीकानेर (राजस्थान) से नारायण कब्बाली सुना रहे हैं:
अपनी जन्नत को खुदा के लिये-
दो जक न बना-
अपने माँ बाप का तू दिल न दुखा-
मेरे मालिक मेरे आका मेरे मौला ने कहा-
बाप के प्यार से अच्छी कोई दौलत क्या है-
माँ का आंचल जो सलामत है तो जन्नत क्या है...(AR)
