बड़ी लम्बी जुदाई...गजल-

जिला-कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुकई कुसवाहा एक गजल सुना रहे हैं:
चार दिनों का प्यार है रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई
मौत न आई मेरी जान
क्यूँ आई हाये लम्बी जुदाई
इक तू सजन मेरे पास नही है...(AR)

Posted on: Feb 17, 2021. Tags: SONG