चाँद का कुरता हट कर बैठा...कविता-

जिला-पूर्णिया (बिहार) से खगेश कुमार कविता सुना रहें हैं:
चाँद का कुरता हट कर बैठा-
चाँद एक दिन माता से यह बोला-
दिलवा दो माँ मुझे ऊन का-
मोटा एक झिंगोला...(RM)

Posted on: Feb 16, 2021. Tags: KAVITA