उड़ जइयो हंस अकेला,दो दिन का है मेला...गीत-
ग्राम-मवई,जिला-बाँदा (उत्तरप्रदेश) से सुरेंद्र पाल एक गीत सुना रहे हैं:
उड़ जइयो हंस अकेला,दो दिन का है मेला-
एक डाल दो पक्षी बैठे-
कौन गुरु कौन चेला-
दो दिन का है मेला-
कौन दिशा से गुरु जी आये-
कौन दिशा से चेला-
उड़ जइयो हंस अकेला,दो दिन का है मेला...(AR)
