कल भी मन अकेला था, आज भी अकेला है...गीत-
जिला-नैनपुरी (उत्तरप्रदेश) से सुभाषचंदर एक गीत सुना रहे हैं:
कल भी मन अकेला था, आज भी अकेला है-
आज भी अकेला है-
जाने मेरी किस्मत ने कैसा-
खेल खेला है-
ढूंढते हो तुम खुशबू-
कागजी गुलाबो में-
प्यार सिर्फ मिलता है,आज कल किताबों में...(AR)
