सरस्वती दाई ओ, हवय तोर हंस सवारी हो...वंदना-
ग्राम-डभरा, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मीनारायण माली एक गीत सुना रहे हैं:
सरस्वती दाई ओ, हवय तोर हंस सवारी हो-
ज्ञान बुद्धि के ताहि देवईया-
तै सब के महतारी ओ-
तोर दया ले गूंगा बोलय-
राग मिला के-
मै बालक तोर आरती करत हो, दोनों हाँथ नवा के... (AR)
