भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी -गीत
(उत्तरप्रदेश) से भीम प्रशाद गजल सुना रहे है|
हे दौलत भी लेलो ये शौरत भी लेलो – भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी – मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन-
हो कागज की कस्ती हो बारिश का पानी – मोहल्ले की सबसे निशानी पुरानी – हो बुढ़िया जिसे बस कहते थे नानी-
हो नानी की बातो में परियो का डेरा... (184533) gm
