पीड़ितों का रजिस्टर: हमारे पास कोई रोजगार नही है नक्सलियों ने भगाया है परिवार सहित बीजापुर में हैं
पनारा पारा बीजापुर,जिला-बीजापुर, (छत्तीसगढ़) से सरोजनी टिन्गे पिता किस्कैया टिन्गे बता रहे हैं कि वे गाँव में नक्सलियों के आतंक से परेशान थे इसलिए वे अपने गाँव घर छोड़कर लगभग 10 साल से बीजापुर में रह रहे हैं| वे यहाँ दैनिक मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं, सरकारी भूमि में जुग्गी-झोपडी बनाकर रह रहे हैं| पीड़ित परिवार को सरकार कोई सहयोग नही दिया है |परिवार सरकार से मदद की अपील करते हैं, की नक्सल पीड़ित परिवार को सहायता राशि के साथ दैनिक रोजगार दिलाने में मदद करें, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर सकें|
