पीड़ितों का रजिस्टर: हमारे पिता को जान से मार दिए हैं, रोजगार नही, अब तक सरकार कोई मदद नही किया...
जेलवाडा शिविर, जिला-बीजापुर से रीना कारम बता रही हैं 16 अगस्त 2009 के सुबह उनके पिता जी को नक्सलियों ने घर में आकर पकड़ कर जंगल ले गये और वहीँ उसे जान से मार दिए | वे अभी तीन बहन हैं, 2 बहन पढ़ाई कर रहे हैं, हम मजदूरी करके जीवन जी रहे हैं| वे अभी गाँव छोड़कर शांति नगर (बीजापुर) में रह रहे हैं, सरकार के तरफ से कोई मदद नही मिली है| ये संकनपल्ली के रहने वाले हैं|
