बेफाइयो से तेरा मुस्काराना, याद आने के काबिल नहीं है -गजल
(उत्तरप्रदेश) से अब्दुल कुमार गजल सुना रहे है|
बेफाइयो से तेरा मुस्काराना – याद आने के काबिल नहीं है – इस कदर जुल्म उठाई है तुमने – सर उठाने की काबिल नहीं है—मैंने खतरे से उनको बुलाया – आके आशिश ने दुखड़ा सुनाया... (184131)
