लड्डू खाओ तिल के दोष निकालो दिल के-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गन्द्र्व
लड्डू खाओ तिल के दोष निकालो दिल के-
नदियों के तट पर स्नानियों के जमगट हैं-
उड़ती पतंग आकाश हैं जबान में गुण और तिल का मिठास हैं-
जब तक पूजा दान करो नदियों में स्नान करो-
आनन्द लो मेह फिल के गीत हैं गजल हैं-
और हैं रुबाई मकर सक्रांति की कोटि कोटि बधाई...(RM)
