झन ला भुलईबे टुरी मरबे कुंवारी ओ...छत्तीसगढ़ी गीत-
खैरागढ़, जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से रेखा मुंडे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं:
झन ला भुलईबे टुरी मरबे कुंवारी ओ-
आही ओ लंगडू मितान-
ए टूरी तोर मरे बिहान-
आही बेन्दरवा हलाही दोनो कान-
ए टूरी तोर मरे बिहान-
बरत रइबे बाबा-
जुग-जुग दिया कस बरत रइबे...(AR)
