हम तो चले परदेश...गीत-
सीजीनेट श्रोता राहुल कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
हम तो चले परदेश, हम परदेशी हो गये-
छूटा अपना देश, हम परदेशी हो गये-
ये गलिया बचपन घट के मारो-
भूल न जाना,भूल न जाना-
उजड़ा रंग किरन की-
हम तो चले परदेश...(AR)
सीजीनेट श्रोता राहुल कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
हम तो चले परदेश, हम परदेशी हो गये-
छूटा अपना देश, हम परदेशी हो गये-
ये गलिया बचपन घट के मारो-
भूल न जाना,भूल न जाना-
उजड़ा रंग किरन की-
हम तो चले परदेश...(AR)